
पन्ना आंगनीया में फूले दो दो फूलडा पन्नाधाय गाथा
पन्ना आंगनीया में,
फूले दो दो फूलडा।
दोहा – सूरज सिंह पन्ना पति,
अंगरक्षक राणा साथ,
पूर्ण भरोसो पावियो,
महाराणा दिन रात।
उदयसिंह रो जन्म वीयो,
रानी कर्मवती री कोख,
पन्ना जायो पूत जद,
महकत चन्दन रूख।
१५२१ सन् १४ अगस्त की भोर,
उदयसिंह हाडी कोख सु,
जन्मीयो गढ चितौड़।
ए मावड पाले है,
पलका री कर कर छाव,
अपणायत दोनो मे ईसको,
ए माता उदिया ने हिण्डावे,
रेशम पालने,
ए माता चन्दन रा झोलीया ने,
घोडी टांक,
इतरो क्यु फरक आतरो,
ए मावड चन्दन ने लिपटावे,
लेकर कालजे,
देखो उदियो रे रिसावे मुण्डी फेर,
अपणायत इतरो ईसको,
ए माता उदिया ने बतावे,
कहे उदार को,
माता कुणसो है जायोडो थारो पूत,
मैया तू साची बोल जा,
ए माता कुणसो है जायोडो थारो पूत,
ए माता उदिया ने सिसोदिया,
सिरदार कहे,
रे मावड चन्दन ने बतावे,
गुर्जर गिवार,
अन्त:स क्यु इतरो आतरो,
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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