
पार्वती तेरा भोला जगत में सबसे निराला है,
सबसे निराला, सबसे निराला,
शीश भोले के जटा विराजे,
जटा में गंगा कि धार, धार में जगत नहाता है,
गले भोले के सर्पो की माला,
माथे पे चंदा तिलक जगत उजियारा फैलाता है,
अंग भबुती तन बाघमबर,
सुन डमरु की तान वो सारे जग को नचाता है,
संग भोले के गौरा विराजे
गोदी में गणपत लाल वो सबके कष्ट मिटाता है,
करता है बैलो की सवारी,
पर्वत ऊपर वास सारे जग से निराला है,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


