
पिंजर भया पुराणा गेला,
पिजंर भया पुराणा रे,
ईतो पसारो मत कर गेला,
आखिर तुझको जाणा रे,
पिजंर भया पुराणा रे।।
ओदर मे कांई उदम करतो,
वहा भी मिलता खाणा रे,
बालपणे री शिशु अवस्था,
माता दुध पिलाणा रे,
पिजंर भया पुराणा रे।।
भरी जवानी त्रिया संग यारी,
हो गयो मद मस्ताना रे,
बुढापे मे भीरता भारी,
नारी मारे ताना रे,
पिजंर भया पुराणा रे।।
कोडी कोडी माया जोड़ी,
मिथ्या भ्रम भुलाणा रे,
बीन भजिया भगवान तुम्हारा,
उठ जासी घरवाणा रे,
पिजंर भया पुराणा रे।।
दुख मे राम पल पल मे सुमरे,
सुख मे माजां माणे रे,
राम बक्स सतगुरु जी रे शरणे,
फेर जन्म नही आणा रे,
पिजंर भया पुराणा रे।।
पिंजर भया पुराणा गेला,
पिजंर भया पुराणा रे,
ईतो पसारो मत कर गेला,
आखिर तुझको जाणा रे,
पिजंर भया पुराणा रे।।
गायक – महेंद्र सिंह पंवार।
प्रेषक – भाकर बिराई
9166293033
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