
पुकारे काला काला नाम गुजरी वृंदावन के धाम
पुकारे काला काला नाम,
गुजरी वृंदावन के धाम,
देखे – काला काला कहवे गुजरी।
यमुना के तट बैठी गुजरी,
मन में ध्यान लगाया,
देख छवि प्यारे मोहन की,
ऐसा मन हर्षाया,
यमुना की लहरो में दिख गए,
मुरली वाले श्याम,
मोर मुकुट छवि प्यारी लागे,
ऐसा रूप बनाया,
श्याम वरन मुख चंद्रमा सा,
मेरे मन को भाया,
फूलों और पतियन में दिख गए,
कभी ग्वाला कभी कन्हैया,
नये नये रूप दिखाता,
मैं देखूं जिस ओर सखि री,
कन्हैया नजर में आता,
गऊओ ओर बछड़ो में दिख गए,
जब जब भीड़ पड़ी भगता पे,
आ पहुँचे गिरधारी,
‘शक्ति’ की भी अर्ज सुनो तुम,
आओ कृष्ण मुरारी,
भगतो के ह्रदय में बस गए,
स्वर – साध्वी शक्तिपुरी जी।
प्रेषक – पवन सिंघल।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
