
पेली हाथ जोड़ रामा सामा करता था,
अबे पढीयोडा कर है टाटा बाय,
जमाना बदल गया।।
अरे पेली चांदी वाला रूपीया चलता था,
अमे चाले रे कगज वाला नोट,
अमे चाले कागज वाला नोट,
पेली मोटी मोटी मूछीयो राखता था,
पेली लाम्बी लाम्बी मूछीयो राखता था,
अमे बिन मूछ्या फिरे गलीयो रे माय,
अमे बिन मूछ्या फिरे रे गलीयो रे माय,
पेली बाजरी रो खिचडो खावता था,
अरे पेली बाजरी रो खिचडो खावता था,
अमे लुगायो खावे पान सेब,
अमे लुगायो खावे है पान सेब,
पेली नर नारी झूठ नहीं बोलता था,
अमे लाम्बा लाम्बा बंडल हिरकाई,
अरे लाम्बा लाम्बा बंडल हिरकाई,
अरे दुनिया बदले तो आगी बलवा दो,
ओतो भगत मंडल जश गाय,
जमाना बदल ओतो भगत मंडल जश गाय,
गायक – भेराराम भूराराम सेणचा सीरवी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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