
फुर्सत मिले तो मेरे घर भी आना
फुर्सत मिले तो मेरे घर भी आना
मुझे हाल ए दिल है कन्हैया तुमको सुनाना
मुरझाये होंठों की तू ही हंसी हैं
मेरी सांस धड़कन तू ही ज़िन्दगी है
तेरा आसरा है बाकी दुश्मन ज़माना
हुए टुकड़े टुकड़े मेरे दिल का सपना
दिया उसने धोखा जो था मेरा अपना
एक पल में टूटा है रिश्ता पुराण
आँखों से ग़म की बरसात छलकी
तुम्हे क्या दिखूं मैं तस्वीर कल की
तुमसे छिपा ना मेरा फ़साना
करुणा के सागर करुणा दिखाओ
कलाई पकड़ के गले से लगाओ
मन की बात मन्नू बेधड़क बताना
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