
बंसी बरसाने से लाय दूंगी
बंसी बरसाने से लाय दूंगी ,सीखलै बजायवौ।
सीखलै बजायवौ,कान्हा सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू गीत ना जाने, जो कान्हा तू गीत ना जाने।
अर-र-र अरे गीत हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।।
जो कान्हा तू नाच ना जाने, जो कान्हा तू नाच ना जाने।
अर-र-र अरे नाच हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू खेल ना जाने, जो कान्हा तू खेल ना जाने।
अर-र-र अरे खेला हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू प्रीत ना जाने, जो कान्हा तू प्रीत ना जाने।
अर-र-र अरे प्रीता हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
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