
हाथ जोड़ के बोली गवरजा
तीनो लोक बसाए बस्ती में
आप बसे वीराने में जी
आप बसे वीराने में
अजी राम भजो जी, राम भजो जी
राम भजो जी, राम भजो जी
अगड़ बम बबम, बबम बम बबम
बबम बम बबम, बम लहरी
मेरी एक सुनो, अंतर्यामी
मेरी एक सुनो, भोले स्वामी
मैं तो दासी जनम-जनम की
बाली उमर से भक्ति करती
तुम्हें छोड़ के कहीं ना जाऊँ
एक सुनो ना, मेरे भोलेनाथ जी
एक सुनो ना, मेरे दीनानाथ जी
दिनभर मैं तेरी भंग रगड़ूँगी
अरे, अगड़ बम बबम, बबम बम बबम
एक सुनो जी, पार्वती
मेरी एक सुनो, गौरा रानी
इस जंगल में तू क्या पावेगी?
कंजरी बन-बन मर जावेगी
हाथी चिंघाड़े, शेर दहाड़े
असम रमाऊँ, धूनी रमाऊँ
तांडव कर-कर डमरू बजाऊँ
गुफ़ा बीच मेरा है डेरा री
अभी समझ जा, हे गौरा री
अभी मान जा, हे गौरा
मेरे भूत की माला गले पड़ी
मेरे खग्गड़ माला गले पड़ी
तू तो देख इसे डर जावेगी
मेरे संग तू क्या पावे?
कोई अच्छा कुँवर राजा का ढूंढ
कोई रूप कँवर राजा का ढूंढ
तो रानी बनके बैठ महल
अरी समझ जा, हे गौरा री
हाँ, हाँ, मान जा, हे गौरा री
शंभू तान धरम के तंबू
जो देखे कैणा उसकी आँख में जरी का फ़ैणा
बाम-बाम शिव शंकर शंभू
महादेव शिव शंकर शंभू
जटाजूट हरी शंकर शंभू
भस्मधारी शिव शंकर शंभू
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