
बमलेश्वरी हो माँ ।समलेश्वरी हो माँ ल =2
तोर जयहो जयहो जयहो, मोर गांव के बुढही माँ ॥
कोन जनी कबले,तै लगावत हस फेरा,
चारो मुड़ा जग म,तोर सुघर हावे डेरा,
दंतेश्वरी हो माँ ।परमेश्वरी हो माँ ।=2
देवी हावव ऐके,फेर मान गउन अलगे,
बूढ़ी महामाई शीतला, इही रूप बरन चलगे,
चढ़- राजेश्वरी हो माँ ।विन्देश्वरी हो माँ ।=2
कोनो ठिहा जाबे उहि देवी ला पाबे,
कुल देवी घर के गौतम इही हावे,
चढ़ - दुर्गेश्वरी हो माँ ।मातेश्वरी हो माँ ।=2
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