
बरसात रहमत उसपे हो गई राधा रानी जिसके भी साथ हो गई
बरसात रहमत उसपे हो गई,
मेरी राधा रानी जिसके भी साथ हो गई,
राधा रानी मेरी महारानी,
तूफां में हो कश्ती ना माझी हो संग में,
ना दीखता किनारा कुछ आए ना समझ में,
भवर में अड़ी नैया पार हो गई,
दर दर का ठुकराया गया हूँ,
दुनिया का चाहे सताया गया हूँ,
बड़ी बड़ी से मुश्किल हल हो गई,
राधे राधे गा ले दीदार जो तू चाहे,
‘बावरे’ तू अपना जीवन इसपे लुटा दे,
बांके बिहारी से फिर बात हो गई,
स्वर – बृज रसिक कपिल बावरे जी।
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