
बाबा का दरबार लगे
बाबा का दरबार लगै सै री,
मंगल और शनिवार,
बालाजी की जोत जगै सै,
कटते रोग पुराणे री,
एक दरखास लगे चरणां में,
पल में बाबा आणे री,
पल में रोग कटै सै री,
छोटे छोटे दो लाडू,
खाए तै पेशी आवे सै,
मार मार क सोटे बाबा,
घेर जोत पे ल्यावे सै,
ओपरा नहीं डटै सै री,
दरबारा जोत जगे सै,
पहरे पै हनुमान खड़े,
धरया लंगोटा बालाजी का,
दिखे सै भगवान खड़े,
सोये भाग जगैं सं री,
बाले भक्त जोत पै बैठे,
सिर प हाथ मुरारी का,
महराणे में झंडा गड रह्या,
बाबा संकटहारी का,
गुहणिया राम रटै सै री,
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