
बैठ नजदीक तू सांवरे के तार से तार जुड़ने लगेगा
बैठ नजदीक तू सांवरे के,
तार से तार जुड़ने लगेगा,
देख नजरो से नजरे मिला के,
तुमसे बाते वो करने लगेगा।।
तर्ज – इतनी शक्ति हमें देना।
ये है भूखा तेरी भावना का,
ये है प्यासा तेरे प्रेम रस का,
नंगे पैरो ही दौड़ा ये आए,
प्रेमियों का इसे ऐसा चसका,
प्रेम जितना तू इनसे बढ़ाए,
उतना तेरी तरफ ये बढ़ेगा,
देख नजरो से नजरे मिला के,
तुमसे बाते वो करने लगेगा,
बैठ नजदीक तू साँवरे के,
तार से तार जुड़ने लगेगा।।
पास में बैठ कर तुम प्रभु को,
अपने दिल की हकीकत सुनाओ,
एक टक तुम छवि को निहारो,
कोई प्यारी सी धुन गुनगुनाओ,
भाव जागेंगे तेरे ह्रदय में,
प्रेम तेरा उमड़ने लगेगा,
देख नजरो से नजरे मिला के,
तुमसे बाते वो करने लगेगा,
बैठ नजदीक तू साँवरे के,
तार से तार जुड़ने लगेगा।।
श्याम से प्यार जिसने किया है,
स्वाद जीवन का उसने लिया है,
जिसने नजदीकियां है बढ़ाई,
उसने मस्ती का प्याला पिया है,
‘बिन्नू’ होठों पे रख के तो देखो,
सारा जीवन महकने लगेगा,
देख नजरो से नजरे मिला के,
तुमसे बाते वो करने लगेगा,
बैठ नजदीक तू साँवरे के,
तार से तार जुड़ने लगेगा।।
बैठ नजदीक तू सांवरे के,
तार से तार जुड़ने लगेगा,
देख नजरो से नजरे मिला के,
तुमसे बाते वो करने लगेगा।।
Singer – Shubham Rupam
हिंदी · Read on Bhajan Baan
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