
भगता रो रखवालो,
भगता रो मन मोई लेग्यो,
रूणिचा रो वो धनियो,
अरे गांव रुनिचे रा धणिया,
थारी लीला जग में न्यारी,
अजमल जी रा कंवर लाडला,
मेना दे रा लाला,
रानी नेतल रा भरतार,
गूंगा दर पर बोल पड़े,
थारे लूला पाँव चले,
कोड़ी रो मिटावण व वालो,
भादवा री बीज ने थारे,
मेलो भरे हे भारी,
दूर दूर सु दरसण ने,
आवे नर और नारी,
दुखिया रो दुःख हरण वालो,
भगत धरम री आई हे बिनती,
सुनलो अर्जी मारी,
साँचा नाम री महिमा गाऊ,
मेटो कस्ट बिहारी,
बाबा धन्य धन्य.महिमा थारी,
भजन गायक और लेखक – धर्मेंद्र तंवर।
उदयपुर। 9829202569
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

