
भजन बिना कोई नहीं जागे रे,
थारा जनम जनम का पाप करेड़ा,
किण विध भागे रे,
संता की संगत करि कोनी भवरा,
भरम किया भागे रे,
राम नाम की सार कोनी जाणे,
बाता में आगे रे,
आ संसार काल वाली गिंडी,
टोरा लागे रे,
गुरु गम चोट सही कोनी भवरा,
थारे गोडा में लागे रे,
सत सिमरण का सैल बणा ले,
संता सागे रे,
नार सूकमणा राड लड़े रे,
थारा जमडा भागे रे,
नाथ गुलाब मिल्या गुरु पूरा,
भवानी नाथ अर्ज गुजारे,
गुरुवा आगे रे,
गायक – सांवरमल सैनी।
भजन प्रेषक –
धीरज कुमार,
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