
भर भर बंड मुठ्ठियां जय हो/ਭਰ ਭਰ ਵੰਡ ਮੁੱਠੀਆਂ
भर भर वंड मुठ्ठियाँ
ओ भर भर, वंड मुठ्ठियाँ… जय हो ॥
असां, वृंदावन नूं जाना,
ओ वृंदावन, चल भगता… जय हो ॥
मौका, मिलणा नहीं दोबारा,
वृंदावन, चल भगता ॥
ओ भर भर, वंड मुठ्ठियाँ…
ओ दर्शन, कर भगता… जय हो ॥
दर्शन, कर भगता ॥
ओ वृंदावन, ढोल वज्जदे… जय हो ॥
नच के, मना लै श्याम प्यारा,
वृंदावन, ढोल वज्जदे ॥
ओ वृंदावन, सतसंग होवे… जय हो ॥
आ के तूँ भी, लगा लै जैकारे,
वृंदावन, सतसंग होवे ॥
ओ यमुना दी, सोहणी लहरें… जय हो ॥
आ के, गोता तूँ भी लगा लै,
यमुना दी, सोहणी लहरें ॥
ओ भोग, लगा लै भगता… जय हो ॥
लै के, माखन मिश्री आजा,
भोग, लगा लै भगता ॥
अपलोडर – अनिलरामूर्ति भोपाल
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