
भलखाडी भक्तों री भुमि जेताराम जी रो धाम
भलखाडी भक्तों री भुमि,
जेताराम जी रो धाम,
जेतेशवर भगवान आपरो,
नवखंड गूंजे नाम,
ऊगतङे प्रभात बावजी,
धरूं आपरो ध्योन,
जेतेशवर महाराज गुरूजी,
भक्तों रा भगवान।।
राईका समाज पवित्र,
जन्म धरायो आप,
जेतेशवर महाराज जी,
कर दिनो अमर नाम,
भक्त कोम भगवत ने प्यारी,
देवासी समाज,
संत शुरवीर घणा होया ओ,
गुण गावे संसार।।
अंतर्यामी अर्ज करूं जी,
जेतेशवर महाराज,
टाबरिया पर छोया राखजो,
भक्तों रा सिरताज,
विरद आपरो मोटो बापजी,
महिमा अपरम्पार,
इण कलयुग में थारो आसरो,
भवजल किजो पार।।
खरो भरोसो जेतेशवर जी रो,
मन मे मोटी आस,
आप तणा उपकार बावजी,
सेवक री अरदास,
जोगाराम प्रजापति गावे,
आयो शरणं रे माय,
सत्पुरुषो री महिमा गायो,
संकट कट जाय।।
गायक / लेखक – जोगाराम प्रजापति।
हाथीतला बाङमेर।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

