
भेरु थारे शिशोदा में बाजे ढोल रमतो रमतो आवजे
भेरु थारे शिशोदा में बाजे ढोल,
रमतो रमतो आवजे,
भेरू मंदरिया का पटना खोल,
दर्शन ने आवे जातरी,
अरे भेरू मंदरिया में बाजे ढोल,
अरे भेरू शिशोदा में मोटी धाम,
दे दर्शन दुख मेट जे,
ऐ भेरू थाली मादल बाजे ढ़ोल,
भक्त लुल लुल नाचता,
ऐ इन कलयुग में परच्या जोर,
नर नारी थारा दर्शन पावता,
ऐ थारे जगमग जागे दिवला री जोत,
दर्शन कर सुख पावता,
भेरू निचली भागल रा नर और नार,
जागण जोर जगावता,
अरे जागण जोर जगावे लोग,
भक्ताने बुलावता,
गायक – नरेश प्रजापत।
प्रेषक – मगन लाल प्रजापति मोलेला।
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