
भोले की चली है बरतिया आए दूल्हा सांवरिया,
दूल्हा सांवरिया भोले दूल्हा सांवरिया,
शीश भोले के गंगा की लहरें,
माथे पर चंदा चम चम चमके,
गले में सर्पों की लड़ियां आए दूल्हा सांवरिया,
कान भोले के बिच्छू साजे,
हाथों में डमरू डम डम बाजे,
कमर में बांधे कोधनिया आए दूल्हा सांवरिया,
तन मृग छाला पहने हुए हैं,
अंग भभूति रमाए हुए हैं,
पैरों में डाली घुँगरिया आए दूल्हा सांवरिया,
करके नंदी कि वो सवारी,
दूल्हा बन के आए त्रिपुरारी,
भूतों की सोहे बरतिया आए दूल्हा सांवरिया,
नर नारायण सब हैं हर्षित,
गोरा भोले की जोड़ी सुशोभित,
सखियां गाएं भंवरिया आए दूल्हा सावरिया,
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