
आया सावन देख चाल भोले की फ़ौज ने,
बम लहरी का डमरू बाजे अपनी मौज में,
साचे मन ते ध्यान करो भोले का रोज रे,
राजी राखे स बम भोला अपनी फ़ौज ने,
हरिद्वार में बहरी गंगा शिवकी जटा ते आरी स,
आवे कावड़िये दूर दूर त भोले किरपा भारी स,
भर के लोटा जल का चढ़ावे भोले की फ़ौज रे,
चांद सजया जो माथे पे सारी यो पीड़ा हारी स,
सारे जगत का प्राणपति यो शिव भोले भंडारी स,
तन पे रमी भभूत गल नागों की फौज रे,
सबकी बिगड़ी बात बनावे ऊंचे पर्वत वाला स,
तेरी भगति म मग्न रहवे राकेश पायला वाला स,
तुलसी लिखे महिमा तेरी इब क्यांका बोझ स,
लेखक :-रोशनस्वामी"तुलसी" 9887339360
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