
मंगल मूर्ति गणपति विद्यापति,
कृपा करो धनपति गणपति,
धनदाता तनदाता यशदाता,
जीवन दाता है गणपति,
मंगल मूर्ति गण गण गणपति…….
चारों वेद के है गणपति ज्ञाता,
जो नर नारी भक्ति में समाता,
यश वैभव धन धान्य है पाता,
विघ्न हर भी कहलाते गणपति,
इच्छा अपनी मूषक को सुनाओ,
गणपति स्त्रोतम नियम से गाओ,
मंगलमूर्ति घर घर मे सजाओ,
भाग्योदय का श्री गणेश गणपति,
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