
दर पे तेरे भगवन,
मन करता है आने को,
चरणों में तेरे झुक कर,
कुछ अपनी सुनाने को,
पर किस विध आऊं मैं,
पड़ा हूं दुनियावी फेरों में,
ना सूझे कोई रस्ता,
घिरा हूं मायावी अंधेरों में,
प्रभु जी इतनी कृपा कर दो,
हाथ पकड़ के सहारा दो,
रोशन कर दो मेरी राहें,
दूर मन का अंधियारा हो,
मोह माया भरी दुनिया से,
जी चाहता है मन हटाने को,
कैसे पाऊं मैं किनारा,
सागर बड़ा गहरा है,
आऊं कैसे तुझसे मिलने,
दुनिया का जो पहरा है,
थाम लो पतवार मेरी नैया की,
भगवन मुझको किनारा दो,
तोड़के सारे बंधन पहरे,
मुझे मिलने का इशारा दो,
एक आवाज़ पे तेरी भगवन,
राजीव छोड़ आए जमाने को,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

