
मन धीर धरो, घबराओ नहीं,
भगवान मिलेंगे, कभी न कभी
मन धीर धरो,,,,,,,,,,,,,
फूलों में नहीं, कलियों में नहीं,
काँटों में मिलेंगे, कभी न कभीं
सूरज में नहीं, चंदा में नहीं,
तारों में मिलेंगे, कभी न कभी
गंगा में नहीं, यमुना में नहीं,
सरयू में मिलेंगे, कभी न कभी
बागों में नहीं, खलियानो में नहीं,
जंगल में मिलेंगे, कभी न कभी
मंदिर में नहीं, मस्जिद में नहीं,
गुरद्वारे में मिलेंगे, कभी न कभी
मथुरा में नहीं, गोकुल में नहीं,
मेरे मन में मिलेंगे, कभी न कभी
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