
ना जाने किस भेस में आ कर काम मेरा कर जाते है,
मैं जो भी मांगू मेरे महादेव चुपके से दे जाते है,
मैं जब भी उनका ध्यान धरु,
मन ही मन शिव का नाम धरु,
महादेव आ जाते मेरे सामने,
बड़े किरपालु बड़े दयालु मेरा भोला भंडारी,
भगतो की हर खबर है रखते जाने कैसे त्रिपुरारी,
मैं तो निष् दिन उनकी सेवा करू,
मन ही मन शिव का नाम जपु,
धन दौलत वर पुत्र बाँट ते फिरते महल अटारी ,
बसम रमाये पर्वत मरघट घूमे बनके भिखारी,
मिले जो भी सच्चे मन से कहु
वक़्त पड़ा तो जग की खातिर पी लिये विष का प्याला वो ,
पाप बड़े जब जब धरती पे बने विनाश की ज्वाला वो ,
कितनी मुकेश मैं महिमा कहु,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




