
महापुरुषों रा शहरिया में आवे सुख री लहरियां
महापुरुषों रा शहरिया में,
आवे सुख री लहरियां,
आवे ठंडी लहरिया,
म्हारा सतगुरु जी रा शहर माहीने,
दोपरी और सांझ भोर,
राम ध्वनि चारु ओर,
संत दिखे थोर थोर,
कंठी माला पहरिया,
रिद्धि सिद्धि पास माही,
लक्ष्मी जी रो अंत नाही,
ब्रह्मा विष्णु महेश काही,
सबा री है महरिया,
म्हारा सतगुरु जाणे एडो डाव,
नाम रूपी चाढ़े नाव,
ऊंचो नीचो गयो जो पाव,
तारे खेरम खेरिया,
हीरो रा भंडार खोले,
अपनो से गुरु ना ही ओले,
कर जोड़या दानो जी बोले,
आनंद व्यापे ठहरिया,
म्हारा सतगुरु जी रा देश माहीने,
म्हारा धिनगुरु जी रा शहरिया में,
– चैनपुरी गोस्वामी
बालरवा जोधपुर 9784985830
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