
अपने गम की दास्तां कैसे करूँ बयां,
तू सब कुछ है जानती, अंतर्यामी माँ।
माँ ओ माँ तुझे ढूंढू आज कहाँ,
पर्वत पर्वत ढूंढा मैंने,
पर्वत पर्वत ढूंढा मैंने, मिलता नही निशान,
तूने मुझको जन्म दिया है मैं तेरी संतान हूँ,
मैं तेरी संतान हूँ, मैं तेरी संतान हूँ
तू तो है माँ बक्शनहारी मैं बेटा नादान हूँ,
मैं बेटा नादान हूँ, मैं बेटा नादान हूँ,
मेरी खुशियों की दुनिया माँ... हो माँ,
मेरी खुशियों की दुनिया माँ,
मेरी खुशियों की दुनिया माँ हो गई आज वीरान,
नैनो में ज्योत तुम्हारी ह्रदय में तस्वीर है,
ह्रदय में तस्वीर है, ह्रदय में तस्वीर है,
मेरे हिस्से में क्यो दे दी असुवन की जागीर है,
असुवन की जागीर है, असुवन की जागीर है,
तू रूठी तो किस्मत रूठी... हो माँ,
तू रूठी तो किस्मत रूठी,
तू रूठी तो किस्मत रूठी, रुठा आज जहान,
होठों पे है नाम तुम्हारा, दिल मे तेरी याद माँ,
दिल मे तेरी याद माँ, दिल मे तेरी याद माँ,
पता नही कब सुन पाओगी, मेरी तुम फरियाद माँ,
मेरी तुम फरियाद माँ, मेरी तुम फरियाद माँ,
दिल की दिल में रह जाये ना...हो माँ,
दिल की दिल में रह जाये ना,
दिल की दिल में रह जाये ना, दिल का ये अरमान,
मुझमे में कोई ज्ञान नहीं है, मैं अवगुण की खान हु,
मैं अवगुण की खान हु, मैं अवगुण की खान हु,
भक्ति शक्ति नहीं है मुझमे, मैं तो इक अनजान हु,
मैं तो इक अनजान हु, मैं तो इक अनजान हु,
तेरे दर को छोड़ के मईया...हो माँ,
तेरे दर को छोड़ के मईया,
तेरे दर को छोड़ के मईया, हो जाऊ और कहाँ,
ओ माँ ओ माँ तुझे ढूंढू आज कहाँ,
तुझे ढूंढू आज कहाँ.......
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