
ओढ़े है चुनर लाल,
बिंदिया सोहे है भाल,
क्या खूब सजा श्रृंगार,
माँ तुम प्रेम की मूरत हो,
तुम प्रेम की मूरत हो।।
तर्ज – ना कजरे की धार।
तेरे माथे का टीका चमके,
टीके का माँ क्या कहना,
लिए हाथ पुष्प की माला,
गले पहने सुंदर गहना,
तेरी सूरत प्यारी मूरत,
मैं देखूं बारम्बार,
ले हाथों में तलवार,
होकर के सिंह सवार,
माँ आ जाओ दरबार,
तेरा ऊंचा भवन निराला,
जले जगमग दीपक ज्वाला,
तेरे चरण पखारुं मैया,
दे दे चरणों में ठिकाना,
तेरी शक्ति को सब जाने.
महिमा को जग बखाने,
फिर आया मैं हर द्वार,
दुखड़ा सुनले इस बार,
मैं आता रहूँ हर बार,
कर दो मेरा उद्धार,
मेरा कर दो मैया मंगल,
तेरी सेवा करूँ मैं हरपल,
मुझे आज ही देना वर,
माँ मेरे मन मे मची है हलचल,
होगा जो एक इशारा,
तर जाऊंगा मैं नादान,
करता मैं तेरा ध्यान,
निशदिन करता गुणगान,
भजनों की चले है बहार,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



