
माँ सरस्वती मुझको वरदान दो मुझको नवल उत्थान दो
माँ सरस्वती मुझको वरदान दो,
मुझको नवल उत्थान दो ,
माँ सरस्वती मुझको वरदान दो,माँ शरदे हंससिनी वागेश वीना वादिनी ,
मुझको अगम स्वर ज्ञान दो,
माँ सरस्वती मुझको वरदान दो,माँया मुझको ना तक सके,
मॅन मोह माया ना फस सके,
कर डोर सब अगयाँ दो,
माँ सरस्वती मुझको वरदान दो, निष्काम हो मनोकामना,
मेरी सफल हो साधना,
नयी गति नयी ताल हो,
माँ सरस्वती मुझको वरदान दो,हो सत्या जीवन सारथि,
तेरी करू नित्या आरती,
संवेधी सच समान हो,
माँ सरस्वती मुझको वरदान दो, मन बुद्धि हृदय पावतीत्र हो,
मेरा महान चरित्रा हो,
विद्या विनय बाल दान दो,
माँ सरस्वती मुझको वरदान दो,सौ वराश तक जीते रहे,
सच अमीया हम पीते रहे,
निज चरण में स्थान दो,
माँ सरस्वती मुझको वरदान दो,यह विश्वा ही परिवार हो,
सब के लिए समाँन प्यार हो,
आदेश लक्ष्या महान दो,
卐 ललित गेरा झज्जर 卐
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