
माई बिटिया घर की,
लाडली हो माँ।।
मुदित मगन मन करलो री,
भई बेटी अवतार,
दो दो कुल खेँ तारन,
हो मैया दो दो कुल खेँ तारन,
आई तारन हार,
सीता जनक दुलारी रे,
ब्याहे रघुवंश,
सास ससुर की सेवा,
हो मैया सास ससुर की सेवा,
और झेले सब दंश,
लक्ष्मी बाई इक रानी रे,
झांसी को राज,
आन बान पे मिट गई,
हो मैया आन बान पे मिट गई,
जाने सकल समाज,
पतिव्रता सावित्री की,
है महिमा अपार,
यमराज से लड़ गई,
हो मैया यमराज से लड़ गई,
जाने सारा संसार,
गायक / प्रेषक – कमलेश सोनी।
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