
माता और पिता में ही भगवान है,
इनसे होती ईश्वर की पहचान है,
मैया हमको जन्म देकर पालती,
और पिता का जीवन पर एहसान है,
तर्ज – दूल्हे का सेहरा।
देखे – ना जरुरत उसे पूजा और पाठ की।
घोलकर ममता पिलाती दूध में माता,
थामकर उंगली पिता चलना है सिखलाता,
इनके चरणों में जन्नत की बात है,
त्यागकर अपनी खुशी हमको हंसाते है,
खुद रहे भूखे मगर हमको खिलाते है,
इनसे बढ़कर कोई ना दयावान है,
हर मुसीबत से दुआ इनकी बचाती है,
हो दया इनकी तो मंजिल पास आती है,
हृदय में बस धरलो इनका ध्यान है,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

