
माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,
थोड़ी राम जी की भगति का प्रशाद दे दे,
बड़ी है दयालु सब की विनती सुनती
जो भी चरण में आये रामा भक्त करते,
मेरे मन का भी सकल विषाद हर ले,
हनुमत सा कोई बलवान नहीं है
उनसा जगत में बुद्धिमान नहीं है,
मन में मेरे भी भगति का अनुराग भर दे,
संकट पड़े तो हनुमान को पुकारो,
अपने मन में पावन शक्ति जगाओ,
मेरे जीवन में भगति का इक स्वाद भरा दे,
माता सीता जी केहदो हनुमान जी....
मन में मेरे रामजी की भगती जागे
हनुमत मेरे सिर पे हाथ रखदे,
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