
मारा घाट मा बिराजता,
श्रीनाथजी याहमुनाजी महाप्रभुजी,
मारु मांडू छे गोकुल वनारा वन,
मारा तन ना आंगनिया मा तुलसी ना वन,
मारा प्रान जीवन, मारा घाट मा बिराजता,
श्रीनाथजी याहुमांजी महाप्रभुजी
मारा आतम न आंगने श्री महाकृष्णजी,
मारी आंखो दिश गिरधारी रे धारी,
मारू तनमन थायु जेने वैरी रे वैरी,
मारा श्याम मुरारी, मारा घाट मा बिराजता,
मारा प्रान ठाकी माने वैष्णव वला,
नित्य कर्ता श्रीनाथजी न काल रे वाल,
मुझे तो वल्लभ प्रभुजी कीड़ा के दर्शन
मारू मोहि लिधु मन, मारा घाट मा बिराजता,
हुन तो नित्य विट्ठलवर्णी सेवा करे,
हुन तो आथे सामा केरी झाँकी रे करुण,
मी टू चितदुन श्रीनाथजीने चारण धौर्युन
जीवन सफर करुण, मारा घाट मा बिराजता,
मी टू भक्ति मरगा केर संगा रे साध्यो,
मुझको पुश्तैनी मारगा केरो संग रे साध्यो,
मने ढोड कीर्तन करे रंगा रे लाग्यो,
मी टू लालाणी लाली कीरो रंगा रे माग्यो,
हिरलो हाथा लाग्यो, मारा घाट मा बिराजता,
ऐवो जीवन्मा लावो फ़री कादी ना नर,
वारिवरे मनव देहा कदे न नर,
फेरो लखारे चोरसिनो मारो रे फेड,
मने मोहन नर, मारा घाट मा बिराजता,
मारी अन्ता समै केरी सुनो रे अरजी,
लेजो शरणो मां श्रीजी बाबा दया रे कारी,
मने तेदे रे यम केरा कदी ना आवे,
मरो नाथ तेदेव,
मारु मांडू छे गोकुल वानरा वन,
श्रीनाथजी बोलो, श्री याहमुनाजी बोलो,
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