
मुझे तेरा अगर कान्हा सहारा ना मिला होता
मुझे तेरा अगर कान्हा,
सहारा ना मिला होता,
भटकती नाव तूफा में,
किनारा ना मिला होता,
तर्ज – मुझे तेरी मोहब्बत का।
पुकारा लाख अपनों को,
किसी ने मुड़ के ना देखा,
बदल दी सावरे तूने,
मेरी बिगड़ी हुई रेखा,
तेरी रेहमत जो ना होती,
गुजारा चला ना होता,
बरसती आँख को पोछा,
मुझे हसना सिखाया है,
मेरी मुरझाई बगिया को,
करिने से सजाया है,
बिना तेरे चमन मेरा,
दुबारा ना खिला होता,
अर्ज मंजूर इतनी सी,
तेरे इस दास की कर दे,
जुबा से ‘हर्ष’ की कान्हा,
तुम्हारा नाम ही निकले,
तेरे बिन दाग किस्मत का,
हमारा ना धुला होता,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

