
मेरी नजरे तेरी नजरो को निहारे
मेरी नजरे तेरी नजरो को निहारे जाती है,
के कब मिलोगे सँवारे पूछे जाती है,
मेरी नजरे तेरी नजरो को...
अपनों ने कर दियां है श्याम मुझको अनजाना,
तुम्ही अपने बन जाओ के जग लागे बेगाना,
मुझे देख अकेला ओ सांवरियां दुनिया सताये जाती है,
बरसो यु बीत गये है मैं तो बस बोलता हु,
ये मूरत भी कभी बोलेगी यही तो बस सोचता हु,
तेरा चुप रहना यु कुछ न कहना ये बाते खाई जाती है,
बड़ा सुना है सँवारे तू हारे का है सहारा,
मेरे लिये ही क्यों बंद है श्याम ये तेरा द्वारा,
तू हारे का साथी यही तो बाती आस बढ़ाये जाती है,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
