
मेरी नाथ नगरी में सात शिवालय,
बैठे शिवशंकर भोले,
बरेली नगरी में सात शिवालय,
हर हर महादेव शंभु,
जय जय शिवशंकर भोले,
ॐ नमः शिवाय,
धोपेश्वर नाथ के रूप में बैठे,
शिव की शोभा न्यारी है,
कुंड के जल में स्नान को करने,
आते नर और नारी है,
संग गुफा में वैष्णो मैया,
जय माता दी सब बोले,
जय जय धोपेश्वर भोले,
51 फीट ऊंचे हनुमत जी,
अलखनाथ में शोभित है,
सेतुबंध की रामशिला यहां,
मन को करती मोहित है,
श्री राधा कृष्ण के सुंदर दर्शन,
तुलसी स्थल के सुंदर दर्शन,
अंतर मन के पट खोले,
जय जय अलखनाथ भोले,
भक्त हजारों त्रिवटीनाथ के,
दर पर शीश झुकाते है,
मनोकामना नंदी जी के,
कानों में कह आते है,
श्री नारायण शुभ फल देते,
गजानंद जी शुभ फल देते,
झोली भरते है भोले,
जय जय त्रिवटीनाथ भोले,
बनखंडी नाथ के रूप में बैठे,
हर सावन कावड़ का बेड़ा,
होता सबसे भारी है,
नाचे झूम झूम कांवरिया,
भंगिया पीकर के डोले,
जय बनखंडी नाथ भोले,
बीच सरोवर में मेरे बाबा,
पशुपतिनाथ विराजे है,
तपेश्वर नाथ और मणिनाथ में,
शिव का डमरू बाजे है,
मेरी नाथ नगरी पर कृपा रखना,
दास मुकेश पर कृपा रखना,
भक्तों की रग रग बोले,
जय पशुपतिनाथ भोले,
धोपेश्वर नाथ भोले,
जय जय मढ़ीनाथ भोले,
जय जय तपेश्वर नाथ भोले,
जय जय शिव शंकर भोले।।
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