
मेरी मईया है जग से निराली फिर भी झोली मेरी क्यों है खाली,
मेरी विनती सुनो दुर्गे मइयां तेरी चौकठ से जाऊ न खाली,
मैंने आस की ज्योत जलाई हो मेरे मन है माँ तू समाई,
आज आया हु बन के सवाली तेरी चौकठ से जाऊ न खाली,
गम की काली घटा ऐसी छाई सारी दुनिया लगे है पराई,
तेरे सजदमे माँ शेरा वाली मेरी अर्जी सुनो मेहरा वाली,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

