
माँ अम्बे मेरी शेरोंवाली शरण में तेरी आए हैं,
तू सब पे दया करने वाली शरण में तेरी आये हैं,
जो दर पे सीस झुकाते हैं, झुकाते हैं,
माँ वो झोलियाँ भर ले जाते हैं, जाते हैं,
माँ तेरे दर से न जाये कोई खाली,
शरण में तेरी आये हैं माँ अम्बे मेरी शेरोंवाली,
शरण में तेरी आए हैं.......
माँ जग में न कोई हमारा है, हमारा है,
तेरा दर प्राणों से प्यार है, प्यार है,
तू ही वैष्णो माँ तू ही काली शरण में तेरी आये हैं,
तेरी शक्ति का न कोई पार है पार है,
तेरे चरणों में गंगा की धार है धार है,
तू ही सब जग को रचने वाली, रचने वाली,
शरण में तेरी आए हैं माँ अम्बे मेरी शेरोंवाली,
माँ तूने ध्यानु भगत को तारा था, तारा था,
महिषासुर को भी मारा था, मारा था,
माँ तेरे रूप अनेक महाकाली शरण में तेरी आये हैं,
हाँ तू सब पे दया करने वाली शरण में तेरी आये हैं,
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