
मैं बरसाने की गली आ गई हूं,
राधे वृषभानु लली आ गई हूं,
संभालो किशोरी उबारो किशोरी,
हूं भटकी युगों से निहारो किशोरी,
देखो मनमुखी मनचली आ गई हूं,
बरसाना आकर लगे दिल को ऐसा,
सदियों पुराना ताल्लुक हो जैसा,
तेरे गुल से बिछड़ी कली आगयी हु,
मेरी राजनन्दनी राधे दुलारी,
स्वीकारो लड़ेति मैं दासी तुम्हारी,
बनने तुम्हारी अली आ गयी हु,
पूनम के चन्दा में चांदनी तुम्ही हो,
गोपाली पागल की स्वामिनी तुम्ही हो,
मेरी मैं की देने बलि आगयी हु,
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