
मैंने सोचा न था,
ऐसा होगा कभी,
तुने नजरें मिलाई,
मजा आ गया,
अब तो रहता सुरूर,
सच कहूं मैं हजूर,
तुने ऐसी पिलाई,
तर्ज – मेरे रश्के कमर।
जब आंखों से आंसू छलकने लगे,
तब कदम मेरे खुद ही बहकने लगे,
चले राह में तेरी, चले चाह में तेरी,
ली दिल ने अंगड़ाई,
मेरे जीवन में हरपल अंधेरा रहा,
जो था मेरा कभी वो ना मेरा रहा,
अब तो तेरी नज़र,
रखे मेरी खबर,
जब दिया ये दिखाई,
तेरे रहमों करम पे है ये जिन्दगी,
बता कैसे करूं मैं तेरी बन्दगी,
मिला जो भी सिला,
ना किसी से गिला,
छोड़ी करनी बुराई,
छोड़ के दर तेरा अब न जाऊं कहीं,
मीत तुमसा न कोई मैं पाऊं कहीं,
मेरे जीवन में ग़म,
नहीं थे कोई कम,
कर दी इनकी सफाई,
ये तेरी बन्दगी का ही आगाज़ है,
आज दिल की यही श्याम आवाज है,
तेरी लागी लगन,
रहे “जालान” मगन,
लाग ऐसी लगाई,
गायक – राजू बावरा जी।
– भजन रचयिता –
पवन जालान जी।
94160-59499 भिवानी (हरियाणा)
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




