
ना ही सोना चांदी ना ही खजाना चाहिदा,
मैनु तेरे चरना च ठिकाना चाहिदा,
ठिकाना चाहिदा ठिकाना चाहिदा,
तू मालिक दुनिया दी तू ही जगत बनाया है,
की खेड़ रचाये तू कोई समज न पाया है,
सब झूठे रिश्ते ने सब झूठी मोह माया है,
जद भी मैं आजमाया कोई कम ना आया है,
मैनु रिश्ते नाते ना ज़माना चाहिदा,
तेथो माँ है की लुकियाँ किस हाल च रहना है,
अखियां विच वगदे जो अथुरु पी लेना हां,
हर रोज ही मार दा हां मर मर के जिन्दा हां
उप मुँह तो नहीं कर दा मैं बुल्ल सी लेना है,
पुंज के हंजू माँ गल लाना चाहिदा,
हर पासे कंडे ने हर मुश्किल राहवा ने,
दुःख दर्द दी धूपा च किते दिखन न चाहवा ने,
अखियां विच हंजू ने भूल्या ते हावा ने,
तू चिन्दियाँ सुनाई नई तनु मेरियन सेहलावा ने,
एहना भी नि दास न सताना चाहिदा,
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