
मोरछड़ी लहराओ
मोरछड़ी लहराओ, मोरछड़ी लहराओ,
ले हाथो में मोरछड़ी प्रभु जल्दी से आ जाओ
मोरछड़ी लहराओ......
चारो और अँधेरा छाया देता नही दिखाई,
सबने मुखड़ा मोड़ लिया है ऐसी आफत आयी,
अपना जिनको कहते थे हम आज हुए बेगाने,
मेरी बदहाली पे सारे मार रहे है ताने,
सेवा पूजा कुछ नही जानु मुझमे भक्ति नही है,
तुफानो से लड़ने की अब मुझे पे शक्ति नही है,
छुट रहा है धीरज मेरा आँखे भर भर आयी,
मेरे जीवन से दुखड़ो की कर दो श्याम विदाई,
मोरछड़ी से प्राण दान भी मिलते हमे देखा,
बड़े बड़े बदकिस्मत की बदली कर्मो की रेखा,
तुमको ही अब करनी होगी बाबा मेरी रक्षा,
अवगुण है लाखो मुझमे पर दे दो प्रेम की भिक्षा,
हाथ उठाके कर डाला भक्तो ने श्याम समपर्ण,
तेरी ही भक्ति में लगाया हमने अपना तन मन,
छोटी सी ख्वाहिश मोहित की एक झलक दिखला दो,
मोरछड़ी के झाडे से संजय के भाग जगा दो,
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