
म्हारा राम रघुनाथ,
दोहा – राम गरीब नवाज हो,
पथ के राखन हार,
पथ राखी प्रहलाद की,
गज की सुनी पुकार।
इतरो वर तो दीजो म्हाने,
नित उठ जोडु हाथ,
आतुनो तो खेत दीजो,
बिच में दीजो नाडी नाडी,
अरे घरवाली ने छोरो दीजो,
भैस लावे पाडी,
घरवाली ने छोरो दीजो,
भैस लावेला पाडी,
दोय म्हाने हलीया दीजो,
हाल दीजो जाढी जाढी,
अरे दोय म्हाने बेलीया दीजो,
बीच में दीजो गाडी,
दोय म्हाने बेलीया दीजो,
अरे बाजरी री रोटी दीजो,
ऊपर गुड़ ने घी घी,
बाजरी री रोटी दीजो,
अरे ओडन म्हाने गुदड दीजो,
घणो पडेला सी,
ओडन म्हाने गुदड दीजो,
अरे दोय म्हाने छाली दीजो,
दोय दीजो लडी लडी,
दोय म्हाने छाली दीजो,
अरे काली भूरी दोनो दीजो,
एक बनासा बडी,
काली भूरी दोनो दीजो,
सावन मे म्हाने लेहरीयो दीजो,
फागुन मे फागनीयो,
सावन मे लेहरीयो दीजो,
अरे भगता रे थे भेला रहिजो,
देवेला जागनीयो,
भगता रे थे भेला रहिजो,
गायक – मोईनुद्दीन जी प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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