
म्हारे मनडे बसगी रे,
म्हारी दूधियाखेड़ी महारानी,
दूधियाखेड़ी महारानी रे,
या दूधियाखेड़ी महारानी।।
एक तरफ थारे आंवा नगरी,
दूसरी तरफ कनवास,
ओ मैया बीच पूजागी रे,
शाम सवेरे होए आरती,
आवे लख नर नारी,
मैया शनिवार के मा,
थारे घणा भंडारा लागे।।
शुभम सिंह भजन बनाता,
चरणा शीश नवाता,
आकाश कीबोर्ड बजाय,
म्हारी दूधियाखेड़ी माता रानी,
गायक – शुभम सिंह।
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