
या मटकी टूट जावेगी
या मटकी टूट जावेगी मात मेरी छो ने आवे गी,
रे मटकी और ले आउ तने दिल जान देता हु,
मने जो देर लगाई आज मेरा हो जा भाई नराज,
बाप ने मेरे सिखावेगी मात मेरी छो मैं आवेगी,
या मटकी टूट जावेगी
ये मटकी तार तले धर दे और न सोच करा कर दे,
पाप तेरे ते न गबराऊ तने दिल जान दे जाऊ,
जाने दे जी गंबरावे से तू घर में वार करावे से,
बसों सो बात बढ़ावे गी बात मेरी छो न आवेगी,
मैं थारी क्यों करे आज खपात मैं देखु कितने जन का पाठ,
रोज तेरे घर के गेहड़े लाओ तने दिल जान देता हु,
मान जा नीरज करले भोर रे होजा छो धरती पे शोर,
धनी मने धमकावे गी बात मेरी छो ने आवेगी,
यो लाया शिशर वाला आज बोलंभिए का यो चेला ख़ास,
मैं अपने साथ ले जाऊ तने रे दिल जान दे जाऊ,
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