
रख ले बना के सेवादार दातिये,
फिर साडा हो जाऊ बेड़ा पार दातिये।
शाम सवेरे तेरी जोत मैं जागांवांगा,
चरणां च मईया तेरे सीस नूं झुकांवांगा।
बणके मैं रहिणा वफ़ादार दातिये,
विच भँवर मेरी ढोल्हदी है नईआ,
पार लगाओ ओहनूं वैशणों मईया।
हथ फड़ के तूं मैंनूं तार दातिये,
सारी उमर सेवा करनी मैं तेरी,
रख ले पुज़ारी एहों मनत है मेरी।
मेरे उत्ते कर उपकार दातिये,
साड़ी हर भूल नूं तूं माफ माएं करदी,
बच्चियां दा हाल देख रहिम माएं करदी।
तेरा दर छोड़ किँथे जावां दातिये,
अपलोडर – अनिलरामूर्तिभोपाल
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