
लक्ष्मण के लगी जब शक्ति,लक्ष्मण के लक्ष्मण के
लक्ष्मण के लगी जब शक्ति, गोद मे उठा लिया भइया
भइया डूब गयी अब धर में मेरी नइया हो
सीता का विवाह हुआ था राम से मिलन हुआ था,,,,२
खुशियां अवहद में छाई,सब ने धूम मचाई
खुशियां अवहद में छाई,गोद मे उठा लिया भइया
भइया डूब गई अब धर में मेरी नइया
लक्ष्मण के लगी----------
तुम जल्दी अवहद को जाओ,माता से आज्ञा लाओ,
हम वन को चलेंगे,हम वन को तीनो प्राणी
गोद मे उठा लिया भइया डुब गयी अब धर में मेरी नइया
सीता का हरण हुआ था,लक्ष्मण का मरण हुआ था,
हा लाओ संजीवन बूटी हा लाओ ,
हा लाओ संजीवन बूटी,
गोद मे उठा.......
लक्ष्मण के......
सीता का मिलन हुआ था,रावण का मरण हुआ था,
खुशियां मनाओ भाई हा खुशियां,
गोद मे उठा लिया भइया, भइया डूब गई अब धर में मेरी नइया,
जब राम लखन ओर सीता,जब लौट अवध को आये,
दीपक जलाओ भाई हा दीपक
हा दीपक जलाओ भाई,गोद मे उठा लिया भइया
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