
लाखों सर पे ये एहसान हैं
चुकाना मुझ पे ना आसान है
दिलदार तू दिल खोल कर मुझपे यूँ मेहरबान है
कुछ तो है सरकार तेरी सरकारी में
यूँ ही झुकती नहीं दुनिया साड़ी ये
बना दी अनमोल उनकी ज़िन्दगी तूने
हुए थे जो नीलाम तेरी यारी में
कोड़ी में भाव था जिनका उनका अमीर में नाम है
पूजा जिसने सदा तेरी तस्वीर को
तूने दिया बदल उसकी तकदीर को
जिसकेतन मैं प्रभु तेरा वास हो
और क्या चाहिए उस शरीर को
दिल में रखते हैं जो आप को
उनकी तुझसे ही पहचान है
रोशन हो गयी रूह जबसे तेरे हुए
दूर जीवन से ये सब अँधेरे हुए
कैसे छायेगा मुझ पे गमो का साया
तेरी छाया है मुझको घेरे हुए
शर्मा गया संवर सांवरे तूने दिया जो वरदान है
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