
लाडली श्यामा जू रखलो मुझे बरसानें में
श्री हरिदास
तरज़:-अल्ला ये अदा, कैसी है ईंधन हसींनों में
लाडली श्यामा जू, रखलो मुझे बरसानें में,
मन लगता ना, मेरा ज़मानें में,
लाडली......
ये जो रिश्ते हैं, सब फन्दें है,
मोह माया में, सब अन्धें है,
क्या पाप लगेगा, भुल जानें में,
तेरी किरपा से, बन्धंन छुटा है,
तेरी करूणा से, भ्रंम टुटा है,
आनंन्द मिलेगा, बरसानें में,
पागल ने ये, राज़ जाना है,
धसका नें ये, पहचाना है,
मोहन भी मिलेगा, बरसानें में,
रचनां:-बाबा धसका पागल जी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

