
लाल देह और लाल है चोला मुखड़ा भोला भाला
लाल देह और लाल है चोला,
मुखड़ा भोला भाला,
ऐसे बजरंग बाला हो
माँ अंजनी का लाला,
शीश मुकुट है गदा हाथ में,
और गले में माला,
तर्ज – ऐसा देश है मेरा।
बजरंगबली के डर से,
सब भूत भाग जाते हैं,
इनकी माला जपने से,
सोये भाग्य जाग जाते है,
तो फिर तो,
नई रोशनी नया सवेरा-2,
दूर अंधेरा काला,
सियाहरण समय बाला ने,
श्री राम के काज सँवारे,
माता का पता लगाया,
और बन गए प्रभु के प्यारे,
और फिर,
लंका नगरी को बाला ने-2,
तहस नहस कर डाला,
ये रामभक्त कहलाते,
प्रभु जी दिल में रहते है,
इसलिए ये दुनिया वाले,
इनको राम दूत कहते है,
प्रभु जी,
इनसे एक पल बिछुड़ ना पाए-2,
बन्धन है ये निराला,
गायक / प्रेषक – विक्की सदावर्तिया जी।
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