
तेरे जीवन मे खुशियाँ तमाम आएगी
ले ले माँ की दुआएँ तेरे काम आएगी
माता है जन्मदाता माता ही जग चलाये
होता है जब अंधेरा माँ रोशनी दिखाये
उपकार हम पे माँ का कैसे चुकाया जाये
नो महीने हमको रखा माता ने दुख उठाये
ये है माँ की ममता ये है माँ की ममता
जब कोई परदेस जाता है बेटा
शुरू दौर होता है फरमाइशओ का
छोटा भैया कहता है मेरे लिए गाड़ी लाना
और बीबी कहती है जा रहे हो परदेस
तो मेरे लिए साड़ी लाना
मगर माँ ये कहती है के कुछ भी ना लाये
मेरा लाल बापिस मेरे घर को आये
करोली गाँव मे मेला लगा हुआ भारी
माँ और बेटे ने की देखने तैयारी
नीलाहा धुला कर अपने बच्चे को सजाया है
नजर ना लग जाय काजल उससे लगाया है
बच्चे को गोद लिए माता जब बो चलने लगी
लाल को हस्ता देख ममता मचलने लगी
जो मांगा बच्चे ने माँ ने दिलाया है
फिर अपने लाडले को झूले मे झूलाया है
भीड़ जोरो की थी बच्चे का हाथ छूठ गया
बस इसी बीच मे माता साथ छुट गया
एक औरत ने उसके बच्चे को चुराया था
बड़ी ज़ालिम थी उसने घर मे ही छुपाया था
इधर जिस औरत का बच्चा था
बो ढूंढते ढूंढते पागल हो गयी
ढूंढते ढूंढते उस माँ की आंख भार आयी
बो भीलाखथी हुई दुःखियारी अपने घर आयी
एक साल बीत गया मगर उसने
विशवाश नहीं छोड़ा माँ भगवती पर
अबकी बार एक साल के फिर बो ही मेला आया
बच्चे को ढूढ़ने माँ ने कदम बढ़ाया है
बही औरत उसी बच्चे को लेके आयी थी
जैसे वो अपना लाल बन सबर के लायी थी
इधर असली माँ भी मेले मे ढूंढ रही है
उसने मुँने को पहचान लिया
पति से कहने लगी मुंना बो हमारा है
झापड़कर छीन लिया सोचा ना बेचारा
अब दोनों मे लड़ाई होने लगी
वो कहे रही है वो कहे रही है मेरा है
नकली माँ कहने लगी नुरे नज़र मेरा है
असली माँ कहने लगी असली बेटा मेरा है
नकली माँ कहने लगी अरे छोड़दे मेरा दिल है
असली माँ कहने लगी इसके पीठ पर तिल है
इतनी ही देर मे होने लगी लड़ाई है
शोर को सुनके बहा जल्दी से पुलिस आयी है
बच्चा लेकर के पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया
तुम अदालत मे आओ दोनों को ये हुक्म दिया
बात कुछ रोज के 2 ज़ब माता अदालत पहुंची
जो असली माँ थी वो गैर बकालात पहुंची
जब दोनों माँ अदालत मे पहुंची
उनकी फ़ाइल उस जज के सामने गयी
उस अदालत के जज भी घबरागए
जज के माथे पर भी पसीना आ गया
जज सहाब मन ही मन सोचने लगे
ऐसा केश मेरी जिंदगी मे कभी नहीं आया
कहते है जज भगवान का दूसरा रूप होता है
कैसे उस केश को सॉल्व किया
बहा के जज साहब बड़े ही बिधून रहे
फैसला देता हु देता हु साक्षी मेरा भगवान रहे
क्या फैसला हुआ…
कहा जज सहाब ने इस बच्चे के टुकड़े कर दो
एक इसको और इसकी गोद मे रख दो
नकली माँ कहने लगी जल्दी से टुकड़े कर दो
असली माँ कहने लगी बाँझ की झोली बार दो
बो माँ रो रही है जिसका बच्चा है
वो रोते रोते जज के पास पहुंची
जज साहब ये बाँझ है इसको मेरा बेटा देदो
मैंने बड़े प्यार पाल से पाला है
कम से कम जिन्दा तो रहेगा
बो रोते रोते कहे रही है
मुझे इसका गम नहीं की दूर सितारा होगा
मारोना मेरे बच्चे को अहसान तुम्हरा होगा
इतना सुनते ही अदालत की नीव ढ़ोल उठी
उधर जज सहाब के हिरदे मे ममता बोल उठी
बात ही बात मे उस जज ने खेल कर डाला
नकली औरत 7 साल जेल कर डाला
अपनी माँ को माना ओ ओ ओ
वो माँ मान जायगी
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