
वीना नारद की बोले जय हनुमान
तू भी रटले रे हो जाएगा कल्याण
वीना नारद की वीना नारद की।।
दुख भजन भैय भजन
संकट मोचन मंगल कारी
दया निधि सुख सागर हनुमत
भगतन के अधिकारी।।
मेहंदी पूर में आन विराजे
दुनिया भाई दीवानी
राम नाम की ध्वजा लहरती
कहती अमर कहानी।।
सुंदर रूप सलोना लागे
मन भावन मुस्कान।।
भक्तो का दुख देख सके ना
हरदाए बड़ा विशला
धन धान्या दे शरणागत को
राम भगत कृपाला
तन चोला रंग राम के रंग में ।।
वीना नारद की बोले जाई हनुमान
पीर पराई पल में हारते
मन के कमाल खिलाए
थोड़ी भागती से प्रसन्ना हो
रहमत मेहर लुटाए
चरनो में बस जेया रे भागता
ताज के मंन का मान।।
इन हनुमान भजन को भी देखे –
लाल लंगोटा हाथ में सोटा चले पवन की चाल मेरा बजरंगबली
सब मिल कर जय जयकार करो बजरंग बलि की
मेरी नैया हनुमत पार करो रे
है बलकारी और ब्रह्मचारी अवतारी जो नाथ भुजंगी है
बजरंगबली मेरी नाव चली करुना कर पार लगा देना
केसर की महक लुटाएंगे ये केसर सा मुस्कायेंगे
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